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बांग्लादेश में शेख हसीना के विरोधी को गोलियों से भूना:सिर में कई गोली मारी, सोशल मीडिया पर '7 सिस्टर्स' वाला नक्शा पोस्ट किया था बांग्लादेश में चुनाव होने में 2 महीने ही बचे है, इसी बीच ढाका में शुक्रवार दोपहर को दक्षिणपंथी युवा नेता को गोली मार दी गई। यह हमला ढाका के बिजॉयनगर में बॉक्स कल्वर्ट रोड पर करीब 2:25 बजे हुआ। शेख हसीना की विरोधी इस्लामी संगठन ‘इंकलाब मंच’ के प्रवक्ता और आगामी चुनाव में स्वतंत्र उम्मीदवार शरीफ उस्मान हादी हमले के समय चुनाव प्रचार कर रहे थे। पुलिस के अनुसार तीन हमलावर मोटरसाइकिल पर आए, गोली चलाकर तुरंत फरार हो गए। हादी को तुरंत ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि गोली उनके सिर में फंसी हुई है और हालत बेहद नाज़ुक है। उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक हमले से कुछ घंटे पहले उस्मान हादी ने भारत और उसके पड़ोसी देशों का एक नक्शा पोस्ट किया था। उन्होंने नक्शे में भारत की '7 सिस्टर्स' को हाईलाइट किया था। उस पोस्ट के बाद, अज्ञात बंदूकधारी ने उन्हें गोली मार दी। उस्मान हादी की सोशल मीडिया पर पोस्ट यूनुस बोले- चुनावी माहौल में ऐसी हिंसा अस्वीकार्य इस घटना पर बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने गहरी चिंता जताई है। यूनुस ने चुनावी माहौल में इस तरह की हिंसा पूरी तरह अस्वीकार्य बताया। उन्होंने कहा कि यह देश के शांत राजनीतिक वातावरण के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। यूनुस ने सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिए कि जल्द से जल्द हमलावरों की पहचान कर कड़ी सजा दी जाए। नवंबर में हादी को मौत की धमकियां मिली थी शरीफ उस्मान हादी एक प्रमुख बांग्लादेशी राजनीतिक कार्यकर्ता, लेखक और दक्षिणपंथी इस्लामी संगठन 'इंकलाब मंच' के प्रवक्ता हैं। नवंबर 2025 में उन्हें फेसबुक पर 30 विदेशी नंबरों से मौत की धमकियां मिली थी। वे जुलाई-अगस्त 2024 के छात्र-नेतृत्व वाले बड़े आंदोलन के बाद उभरे एक प्रभावशाली युवा नेता के रूप में पहचाने जाते हैं। हादी बांग्लादेश की सांस्कृतिक और राजनीतिक क्षेत्रों पर कई किताबें लिख चुके हैं, जो जुलाई प्रदर्शनों से पहले देश की सांस्कृतिक चुनौतियों पर केंद्रित हैं। दिसंबर 2024 में उन्होंने अवामी लीग पर छात्रों की हत्याओं का आरोप लगाया। इसके अलावा, इस्लामिक क्राइम्स ट्रिब्यूनल के शेख हसीना को मौत की सजा देने पर हादी ने इसे एक मिसाल बताया। हादी आगामी संसदीय चुनावों में ढाका-8 निर्वाचन क्षेत्र (मोटीझील, शाहबाग, रामना, पलटन और शाहजहांपुर) से स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुके थे। इंकलाब मंच ने शेख हसीना की सरकार गिराई थी इंकलाब मंच अगस्त 2024 के छात्र आंदोलन के बाद एक संगठन के रूप में उभरा। इसने तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग की सरकार गिरा दिया था। यह संगठन अवामी लीग को आतंकवादी करार देते हुए पूरी तरह खत्म करने और नौजवानों की सुरक्षा की मांग को लेकर सक्रिय रहा। यह संगठन राष्ट्रीय स्वतंत्रता और संप्रभुता की रक्षा पर जोर देता है। मई 2025 में अवामी लीग को भंग करने और चुनावों में अयोग्य ठहराने में इस संगठन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। चुनाव आयोग ने एक दिन पहले ही 13वें संसदीय चुनाव की तारीख का ऐलान किया था। ऐसे में यह हमला राजनीतिक हिंसा की आशंका बढ़ा रहा। बांग्लादेश में 12 फरवरी को चुनाव होंगे बांग्लादेश में अगले साल 12 फरवरी को आम चुनाव होंगे। देश के मुख्य चुनाव आयुक्त एएमएम नासिरउद्दीन ने गुरुवार शाम इसका ऐलान किया। यह चुनाव पूर्व पीएम शेख हसीना के तख्तापलट के डेढ़ साल बाद हो रहा है। 5 अगस्त 2024 को हुए तख्तापलट के बाद हसीना देश छोड़कर भारत आ गई थीं। इसके बाद से वहां पर मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार चल रही है। अगले साल होने वाले चुनाव में हसीना की पार्टी हिस्सा नहीं ले पाएगी। बांग्लादेश की सबसे बड़ी पार्टी अवामी लीग का पंजीकरण चुनाव आयोग ने मई 2025 में निलंबित कर दिया था। पार्टी के बड़े नेताओं को अंतरिम सरकार गिरफ्तार कर चुकी है। अवामी लीग चुनाव लड़ने और राजनीतिक गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है। छात्रों की पार्टी NCP और जमात के टूटे धड़े ने मिलाया हाथ चुनाव से पहले छात्रों की राजनीतिक पार्टी नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) ने जमात-ए-इस्लामी से टूटकर बनी अमर बांग्लादेश (AB) पार्टी और राष्ट्र संस्कृति आंदोलन के साथ मिलकर नया मोर्चा गणतांत्रिक संस्कार गठजोट बनाया है। NCP इसी साल फरवरी में बनी थी। पार्टी के छात्र नेताओं ने पिछले साल हसीना विरोधी प्रदर्शनों की अगुवाई की थी। इन्हीं प्रदर्शनों के दबाव में 5 अगस्त 2024 को शेख हसीना सरकार को सत्ता छोड़नी पड़ी थी। NCP संयोजक नाहिद इस्लाम ने कहा कि गठबंधन दो साल की कोशिशों का नतीजा है। NCP ने 125 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची भी जारी कर दी है। पार्टी के प्रमुख चेहरे नाहिद इस्लाम ढाका-11 से चुनाव लड़ेंगे। इस सूची में 14 महिला उम्मीदवार भी शामिल हैं, जो अब तक किसी भी पार्टी से सबसे ज्यादा हैं। NCP जल्द ही बाकी सीटों पर भी उम्मीदवारों के नाम घोषित करेगी। https://www.bhaskar.com/international/news/sheikh-hasinas-opponent-gunned-down-in-bangladesh-136656260.html
पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता ने महिला पत्रकार को आंख मारी:इमरान खान को लेकर सवाल पूछा था; लोग बोले- ये देश मजाक बन चुका है पाकिस्तान की सेना के मीडिया विंग ISPR के प्रवक्ता अहमद शरीफ चौधरी ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान एक महिला पत्रकार को आंख मारी है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पत्रकार अब्सा कोमान ने चौधरी से पूछा था कि इमरान खान पर लगाए जा रहे आरोप जैसे राष्ट्रीय सुरक्षा खतरा, एंटी-स्टेट और दिल्ली के इशारों पर काम करना पहले के आरोपों से कैसे अलग हैं और क्या आगे कोई नई कार्रवाई की उम्मीद है। इस पर चौधरी ने तंज करते हुए कहा- एक चौथा पॉइंट जोड़ लें, वह (इमरान खान) एक जेहनी मरीज भी हैं। यह कहते हुए उन्होंने मुस्कराकर पत्रकार को आंख मारी, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी ट्रोलिंग शुरू हो गई। एक यूजर ने X पर लिखा कि यह सब कैमरे के सामने हो रहा है। पाकिस्तान में लोकतंत्र खत्म हो चुका है। एक अन्य यूजर ने कहा कि ये देश मजाक बन चुका है। चौधरी ने इमरान खान को आत्ममुग्ध बताया चौधरी ने कुछ दिन पहले भी इमरान खान पर हमला बोलते हुए उन्हें 'नारसिसिस्ट' (आत्ममुग्ध) कहा था। उन्होंने आरोप लगाया था कि इमरान खान को लगता है कि है अगर वे सत्ता में नहीं हैं तो कुछ भी मौजूद नहीं रहना चाहिए। चौधरी ने यह भी आरोप लगाया कि जेल में इमरान खान से मिलने वाले लोग सेना के खिलाफ नफरत भड़काने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी को भी पाकिस्तान की सेना और जनता के बीच दरार पैदा नहीं करने दी जाएगी, क्योंकि संविधान में अधिकारों के साथ सीमाएं भी होती हैं खासकर राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों में। चौधरी का यह बयान तब आया जब इमरान खान ने सोशल मीडिया पर जनरल मुनीर को मानसिक तौर पर अस्थिर बताया था। इमरान ने कहा था कि मुनीर पाकिस्तान में संविधान और कानून की पूरी तरह तबाही करने की कोशिश कर रहे हैं। महिलाओं से पहले भी छेड़छाड़ कर चुके हैं पाकिस्तानी नेता यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान के किसी अधिकारी या नेता पब्लिक प्लेटफॉर्म पर इस तरह की हरकत की हो। 13 साल पहले पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी का भी ऐसा एक वीडियो वायरल हुआ था। हालांकि उस वक्त तक गिलानी पाकिस्तान के पीएम नहीं बने थे। इस वीडियो में यूसुफ रजा गिलानी एक महिला पत्रकार शिरी रहमान के साथ रैली के दौरान छेड़छाड़ करते नजर आए थे। हालांकि गिलानी और शिरी रहमान दोनों ने इस वीडियो पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी थी, लेकिन इसे लेकर काफी विवाद हुआ था।​​​​​​​ इमरान खुद भी स्कैंडल में फंस चुके हैं इमरान खान खुद भी इस तरह के स्कैंडल में फंस चुके हैं। तीन साल पहले एक महिला पार्टी वर्कर से बात करते हुए उनका कथित ऑडियो टैप वायरल हुआ था। आरोप है कि इसमें वे अश्लील बात कर रहे थे और महिला से मिलने के लिए कह रहे थे। यह ऑडियो दो हिस्सों में था। एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया था कि इन ऑडियो टैप्स को तब रिकॉर्ड किया गया था, जब इमरान प्रधानमंत्री थे। जबकि एक ऑडियो के बारे में दावा किया गया था है कि यह प्राइम मिनिस्टर ऑफिस का था। उनकी पार्टी ने इन ऑडियो टैप्स को फर्जी बताया था। ---------------- यह खबर भी पढ़ें... पाकिस्तान को 12 राज्यों में बांटने की तैयारी:शहबाज के मंत्री बोले- छोटे प्रांतों से शासन बेहतर होगा; बिलावल भुट्टो की पार्टी विरोध में पाकिस्तान के चारों प्रांतों को 12 हिस्सों में बांटने की तैयारी चल रही है। देश के संचार मंत्री अब्दुल अलीम खान ने कहा है कि देश में छोटे-छोटे प्रांत बनना अब तय है। उनका कहना है कि इससे शासन बेहतर होगा। पढ़ें पूरी खबर... https://www.bhaskar.com/international/news/pakistan-army-spokesperson-viral-video-journalist-imran-khan-136629899.html
स्टेट डिनर में पुतिन ने चखा भारतीय भोजन का स्वाद:राष्ट्रपति भवन में दाल तड़का, झोल मोमो खाया; ‘फिर भी दिल है हिंदुस्तानी’ गाना सुना राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में 5 दिसंबर को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सम्मान में भव्य स्टेट डिनर का आयोजन किया। यह डिनर पुतिन के दो दिवसीय भारत दौरे के अंत में हुआ। खाने का मेन्यू पूरी तरह से भारतीय क्षेत्रीय व्यंजनों से सजा था। शुरुआत दक्षिण भारतीय मुरुंगेकाई चारू (रसम) सूप से हुई। इसके बाद स्टार्टर में कश्मीरी गुछी दून चेटिन (अखरोट की चटनी के साथ भरे हुए मशरूम), काले चने के शिकमपुरी कबाब और वेज झोल मोमोज परोसे गए। मेन कोर्स में पुतिन को वेज थाली परोसी गई, जिसमें जाफरानी पनीर रोल, पालक-मेथी-मटर का साग के साथ-साथ कई किस्म की रोटियां शामिल थी। वहीं, मीठे में हलवा, कुल्फी और संदेश सर्व किए गए। इसके अलावा ताजे फलों का जूस भी मेन्यू का अहम हिस्सा था। पुतिन ने भोज के दौरान ‘फिर भी दिल है हिंदुस्तानी’ गाना भी सुना। पुतिन के सम्मान में शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति भोज में भारतीय भोजन के साथ शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति दी गई। राष्ट्रपति भवन की नौसेना बैंड और शास्त्रीय वादकों के ग्रुप ने राग अमृतवर्षिणी, खमाज, यमन, शिवरंजिनी, नलिनकांति, भैरवी का प्रदर्शन किया। इसके साथ रूस की मशहूर धुन ‘कालिंका’, चैकोव्स्की की नटक्रैकर सूट के पार्ट प्रस्तुत किए गए। इसके बाद पुतिन रूस के लिए रवाना हुए। पुतिन बोले- भारत-रूस के बीच साझेदारी मजबूत हो रही डिनर के दौरान रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि भारत और रूस के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है। उन्होंने बताया कि दोनों देशों ने राजनीति, सुरक्षा, अर्थव्यवस्था, व्यापार, ऊर्जा, शिक्षा सहित हर क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने वाला एक समझौता किया है। पुतिन ने कहा, “हम एक बेहतर दुनिया बनाने के लिए साथ मिलकर काम कर रहे हैं, जिसमें संयुक्त राष्ट्र केंद्र में होगा। भारत की 2026 में ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान भी हमारा सहयोग और गहरा होगा।” उन्होंने भारतीय कहावत “साथ चलो, साथ बढ़ो” का जिक्र करते हुए कहा कि यही हमारी दोस्ती का सच्चा स्वरूप है। राष्ट्रपति मुर्मू बोली- 23वां भारत-रूस समिट हमारी दोस्ती का प्रतीक राष्ट्रपति मुर्मू ने पुतिन का स्वागत करते हुए कहा कि इस साल भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी के 25 साल पूरे हो रहे हैं। यह साझेदारी शांति, स्थिरता और आपसी सामाजिक-आर्थिक और तकनीकी प्रगति पर आधारित है। 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन का संयुक्त वक्तव्य हमारी विशेष दोस्ती को दर्शाता है और आगे का रोडमैप देता है। मोदी ने पुतिन को दिए 5 खास गिफ्ट... प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को तोहफे के तौर पर असम ब्लैक टी और मुर्शिदाबाद का सिल्वर टी सेट दिया है। 1. मुर्शिदाबाद सिल्वर टी सेट- नक्काशियों वाला सिल्वर सेट पश्चिम बंगाल की कला और चाय की सांस्कृतिक महत्ता को दर्शाता है। भारत और रूस दोनों में चाय प्रेम, संबंध और साझा कहानियों का प्रतीक है। यह सेट भारत-रूस मित्रता और चाय की परंपरा का उत्सव मनाने के लिए दिया गया। ​​​​​​​ 2. असम ब्लैक टी- ब्रह्मपुत्र की उपजाऊ घाटियों में उगाई गई यह चाय अपने मजबूत माल्टी फ्लेवर, चमकदार रंग और पारंपरिक असमिका प्रोसेसिंग के लिए जानी जाती है। 2007 में GI टैग से सम्मानित यह चाय भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और संभावित स्वास्थ्य लाभ का प्रतीक है।​​​​​​​ 3.कश्मीरी केसर- कश्मीर में उगाया जाने वाला यह केसर, स्थानीय रूप से कंग या जाफरान के नाम से जाना जाता है। अपने गहरे रंग, खुशबू और स्वाद के लिए मशहूर है। यह GI और ODOP के तहत संरक्षित है। इसे “रेड गोल्ड” भी कहा जाता है और यह स्वास्थ्य लाभ, परंपरा और कारीगरी का प्रतीक है। 4. सिल्वर हॉर्स- महाराष्ट्र में हस्तशिल्प से तैयार किया गया यह चांदी का घोड़ा खास डिजाइनों के साथ बना है। यह भारत की धातु कला की परंपरा को दर्शाता है। यह घोड़ा सम्मान और साहस का प्रतीक है, जो भारतीय और रूसी संस्कृति में समान रूप से महत्व रखता है। 5. मार्बल चेस सेट- आगरा में तैयार यह हस्तशिल्प मार्बल चेस सेट क्षेत्र की पत्थर नक्काशी कला को उजागर करता है। इसमें व्यक्तिगत नक्काशी वाले मोती, विभिन्न रंगों के पत्थर के प्यादे और फूलों की डिजाइन वाला चेकर बोर्ड है। मार्बल, लकड़ी और अर्ध-कीमती पत्थरों का मिश्रण इसे न केवल खेल के लिए बल्कि सजावट के लिए भी आकर्षक बनाता है। 6. श्रीमद् भगवद् गीता (रूसी भाषा में)- पीएम मोदी ने रूसी भाषा में ट्रांसलेट की गई श्रीमद् भगवद् गीता भी पुतिन को गिफ्ट की। मोदी ने कहा- गीता की शिक्षाएं दुनियाभर के लाखों लोगों को प्रेरणा देती हैं। 23वें भारत-रूस समिट के आए थे पुतिन रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 4 दिसंबर को 23वें भारत-रूस समिट के लिए दो दिन के भारत दौरे पर आए थे। इससे पहले पुतिन 2021 में भारत आए थे। उन्हें रिसीव करने के लिए पीएम मोदी प्रोटोकॉल तोड़कर खुद पालम एयरपोर्ट गए। मोदी ने एयरपोर्ट पर पुतिन को गले लगाकर स्वागत किया। इसके बाद दोनों नेता पुतिन की लग्जरी कार ऑरस सीनेट छोड़कर सफेद रंग की टोयोटा फॉर्च्यूनर से पीएम आवास पहुंचे। यात्रा के अंत में रूसी राष्ट्रपति के सम्मान में प्राइवेट डिनर दिया गया। -------------------------------- https://www.bhaskar.com/international/news/putin-tastes-indian-food-at-state-dinner-136597195.html
वर्ल्ड अपडेट्स:FIFA ने ट्रम्प को पहला 'फीफा पीस प्राइज' दिया; अमेरिकी राष्ट्रपति बोले- अब दुनिया पहले से ज्यादा सुरक्षित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को शुक्रवार को 2026 विश्व कप के ड्रॉ में नए फीफा शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। । फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने उन्होंने इस सम्मान से नवाजा। ट्रम्प ने कहा, “ये मेरी जिंदगी के सबसे बड़े सम्मानों में से एक है। अब दुनिया पहले से ज्यादा सुरक्षित जगह है।” इन्फेंटिनो ने कहा कि ट्रम्प को ये सम्मान दुनिया में शांति और एकता बढ़ाने के लिए दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ट्रम्प को तो नोबेल पीस प्राइज भी मिलना चाहिए था, खासकर गाजा में युद्धविराम कराने की कोशिशों के लिए। ये पुरस्कार फीफा का पहला शांति पुरस्कार है। फीफा ने अभी तक इसके चयन की प्रक्रिया के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है। कई फीफा अधिकारियों को भी ये घोषणा अचानक लगी थी। इससे एक दिन पहले वॉशिंगटन में इंस्टीट्यूट ऑफ पीस का नाम ट्रम्प के नाम पर “डोनाल्ड जे. ट्रम्प इंस्टीट्यूट ऑफ पीस” कर दिया गया था। यहां कांगो और रवांडा के नेताओं ने ट्रम्प की मौजूदगी में शांति समझौता किया था। https://www.bhaskar.com/international/news/fifa-awards-trump-the-first-fifa-peace-prize-us-president-calls-it-one-of-the-greatest-honors-136596394.html
वर्ल्ड अपडेट्स:ट्रम्प 30 देशों पर ट्रेवल बैन लगाने की तैयारी कर रहे, इनमें 19 देशों को पहले ही प्रतिबंध कर चुके अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ट्रेवल बैन को बढ़ाकर 30 देशों से अधिक करने की तैयारी कर रहे हैं। अमेरिकी गृह सुरक्षा सचिव क्रिस्टी नोएम ने गुरुवार को फॉक्स न्यूज के कार्यक्रम 'द इंग्राहम एंगल' में कही। क्रिस्टी नोएम ने कहा, 'मैं संख्या के बारे में स्पष्ट नहीं कहूंगी, लेकिन यह 30 से अधिक है, राष्ट्रपति इन देशों का मूल्यांकन जारी रखे हुए हैं।' यह बयान ट्रम्प के साथ उनकी हालिया बैठक के बाद आया है। जिसमें नोएम ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की थी, जिसमें उन्होंने हर उस देश पर पूर्ण यात्रा प्रतिबंध लगाने की मांग की थी जो अमेरिका में अपराध को बढ़ावा दे रहे हैं। इससे पहले ट्रम्प ने 19 देशों के नागरिकों को अमेरिकी नागरिकता और ग्रीन कार्ड देने की प्रक्रिया रोक दी थी। यह फैसला पिछले महीने व्हाइट हाउस के पास नेशनल गार्ड्स पर एक अफगान शरणार्थी की गोलीबारी के बाद आया था। इन देशों में अफगानिस्तान, म्यांमार, बुरुंडी, चाड, कांगो, क्यूबा, इक्वेटोरियल गिनी, इरीट्रिया, हैती, ईरान, लाओस, लीबिया, सिएरा लियोन, सोमालिया, सूडान, टोगो, तुर्कमेनिस्तान, वेनेजुएला और यमन शामिल हैं। यूएस सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (USCIS) ने कहा है कि इन 19 देशों के सभी इमिग्रेशन, नागरिकता और ग्रीन कार्ड से जुड़े आवेदन होल्ड पर रहेंगे। ट्रम्प पहले ही इन देशों पर ट्रैवल बैन लगा चुके हैं। ट्रम्प का कहना है कि इन कदमों से अवैध और परेशानी पैदा करने वाली आबादी को कम किया जाएगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि दूसरी विश्व युद्ध के बाद अमेरिका में इस तरह की सामाजिक समस्याएं नहीं थीं, लेकिन अब गलत इमिग्रेशन नीतियों की वजह से अपराध और अव्यवस्था बढ़ गई है। उनका मानना है कि तकनीकी तरक्की के बावजूद इमिग्रेशन की गलत नीतियों ने आम अमेरिकियों की जिंदगी खराब कर दी है। ट्रम्प ने साफ कहा, “इस समस्या का पूरा इलाज सिर्फ रिवर्स माइग्रेशन यानी लोगों को वापस उनके देश भेजना ही है।” https://www.bhaskar.com/international/news/trump-is-preparing-to-impose-a-travel-ban-on-30-countries-having-already-banned-19-136588813.html
पाकिस्तान सराकर ने रावलपिंडी में धारा 144 लगाई:रैली-जुलूस निकालने पर रोक; प्रदर्शन की धमकी के बाद फैसला, इमरान से मिलने की मांग कर रही पार्टी पाकिस्तान सरकार ने रावलपिंडी में धारा 144 लगा दी है। यह फैसला पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की मौत की अफवाहों और देश में अशांति फैलने के डर के बीच आया है। इसके तहत 1 से 3 दिसंबर तक कोई भी सार्वजनिक सभा, रैली, जुलूस, धरना, प्रदर्शन करने, 5 या उससे ज्यादा लोगों के इकट्ठे होने को पूरी तरह बैन कर दिया गया है। डिप्टी कमिश्नर डॉ. हसन वकार ने इसे लेकर एक आदेश जारी किया है। आदेश में हथियार, लाठी, गुलेल, पेट्रोल बम, विस्फोटक सामग्री ले जाने पर रोक लगा दी गई है। इसके अलावा नफरत भरे भाषण देना, पुलिस की बैरिकेडिंग हटाने की कोशिश करना, दो लोगों के एक मोटरसाइकिल पर पीछे बैठने और लाउडस्पीकर के इस्तेमाल करने पर भी पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। यह रोक इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के मंगलवार को इस्लामाबाद हाई कोर्ट के बाहर और रावलपिंडी (अडियाला जेल) में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन के फैसले के बाद आया है। दावा- संदिग्ध संगठन कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की फिराक में आदेश में कहा गया है कि जिला खुफिया समिति ने रिपोर्ट दी है कि कुछ संगठन और तत्व बड़े पैमाने पर लोगों को इकट्ठा करके कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की फिराक में हैं। ये लोग संवेदनशील ठिकानों, सरकारी इमारतों और चुनिंदा जगहों पर हमला कर सकते हैं, इसलिए जनता की सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए ये पाबंदियां लगाई जा रही हैं। PTI नेता बोले- कोर्ट आदेश को लागू करने में नाकाम, इमरान से नहीं मिल पा रहे PTI नेता असद कायसर ने कहा कि संसद के दोनों सदनों से विपक्षी सांसद इस्लामाबाद हाई कोर्ट के बाहर प्रदर्शन करेंगे और फिर अपनी धरना अडियाला जेल ले जाएंगे। उन्होंने कहा, “प्रदर्शन करने का फैसला इसलिए लिया गया है क्योंकि कोर्ट अपने आदेश को लागू करने में नाकाम रही है और जेल प्रशासन भी कोर्ट के आदेशों का पालन करने को तैयार नहीं है।” पिछले हफ्ते, खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री ने जेल के बाहर धरना दिया था, जब उन्हें आठवीं बार इमरान खान से मिलने से रोका गया। इसी तरह, खान के परिवार के सदस्यों को कई हफ्तों से उनसे मिलने नहीं दिया जा रहा है। न्याय राज्य मंत्री बोले- खैबर पख्तूनख्वा में राष्ट्रपति शासन लगाने की तैयारी इससे पहले पाकिस्तान के न्याय राज्य मंत्री अकील मलिक ने सोमवार को कहा, ' पख्तूनख्वा में सुरक्षा और प्रशासन की हालत बहुत खराब हो चुकी है।' पाकिस्तान सरकार खैबर पख्तूनख्वा (KP) में राष्ट्रपति शासन लगाने पर विचार कर रही है। जियो न्यूज के मुताबिक मलिक ने कहा, 'खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी वहां की स्थिति को सुधारने में बुरी तरह फेल रहे हैं। वह न तो केंद्र सरकार से कोई तालमेल रख रहे हैं और न ही जरूरी जगहों पर कोई कार्रवाई कर रहे हैं।' सेना के आदेश पर अफरीदी को पुलिस ने पीटा था इमरान खान का समर्थन करने रावलपिंडी की अडियाला जेल पहुंचे खैबर-पख्तूनख्वा (KP) राज्य के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी को पुलिस ने 27 नवंबर को सड़क पर गिराकर पीटा था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, CM सोहेल अफरीदी पर हमले की कार्रवाई सेना के आदेश पर की गई। अफरीदी गुरुवार को जिस समय जेल पहुंचे थे वहां भारी सुरक्षा तैनात थी और PTI समर्थकों की भीड़ लगातार बढ़ रही थी। उनके पहुंचने से हालात और बिगड़ गए। पुलिस ने उन्हें और उनके साथ आए नेताओं को आगे बढ़ने से रोक दिया। धक्का-मुक्की के दौरान पुलिसकर्मियों ने CM को लात-घूंसे भी मारे और जमीन पर गिरा दिया। PTI ने इस घटना को लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया है। अफरीदी ने बड़े विरोध-प्रदर्शन की धमकी दी थी अफरीदी का कहना है कि सरकार को इमरान खान की सेहत और सुरक्षा को लेकर उठे सभी सवालों के सही जवाब देने होंगे। अगर ऐसा नहीं किया गया तो वे जनता के साथ सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हो जाएंगे। अफरीदी ने आरोप लगाया कि सरकार इमरान खान की हालत की सही जानकारी नहीं दे रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इमरान खान को कुछ हुआ तो इसके नतीजे की जिम्मेदारी पूरी तरह मौजूदा सरकार पर होगी। उन्होंने पाकिस्तान सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर पर तंज कसते हुए कहा कि देश के बिगड़ते हालात के लिए वही जिम्मेदार हैं। अफरीदी का कहना है कि इमरान खान तक पहुंच रोकना और उनकी सेहत की जानकारी छिपाना जनता के भरोसे के साथ खिलवाड़ है। इमरान के बेटे बोले- 6 हफ्तों से पिता को अकेले 'डेथ सेल' में रखा है पिछले कुछ दिनों से इमरान खान की मौत की अफवाहें तेज हो गईं हैं। गुरुवार को इमरान खान के बेटे कासिम खान ने अपने पिता के जिंदा होने का सबूत मांगा था। कासिम ने X पर लिखा कि उनके पिता को 845 दिन पहले गिरफ्तार किया गया था। पिछले 6 हफ्तों से उन्हें अकेले एक 'डेथ सेल' में रखा गया है। कासिम ने कहा कि उनकी बुआ को भी अपने भाई से मिलने नहीं दिया जा रहा है। यह सब किसी सुरक्षा नियम की वजह से नहीं, बल्कि जानबूझकर की जा रही कार्रवाई है। सरकार उनके पिता की असली हालत छिपा रही है। इमरान खान की मौत की अफवाह से शुरू हुआ विवाद यह पूरा विवाद उस समय और भड़क उठा जब कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री अफरीदी रात भर धरने पर बैठ गए। वजह थी कि उन्हें लगातार आठवीं बार PTI संस्थापक और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान से मिलने नहीं दिया गया। उनके साथ खैबर पख्तूनख्वा के कई मंत्री और सैकड़ों PTI कार्यकर्ता भी मौजूद थे। रात भर धरना चला, सुबह जेल के बाहर ही फज्र की नमाज अदा की गई। अगले दिन सीएम ने धरना खत्म करते हुए ऐलान किया कि अब वे इस्लामाबाद हाई कोर्ट जाएंगे। पिछले कुछ दिनों से इमरान खान की मौत की अफवाहें तेज हो गईं हैं। इमरान खान के बेटे कासिम खान और उनकी बहने लगातार प्रशासन से मिलने देने और इमरान के जिंदा होने का सबूत मांगा रही है। वहीं, इमरान खान की पार्टी PTI लगातार धरना कर रही है। https://www.bhaskar.com/international/news/pakistan-imran-khan-death-rumours-rawalpindi-pti-protest-section-144-136563453.html
वर्ल्ड अपडेट्स:तुर्किये की कंपनी ने मानवरहित फाइटर जेट का सफल परिक्षण किया, हवा में टारगेट करने में सक्षम तुर्किये ने मानवरहित लड़ाकू जेट किजिलेल्मा का सफल परीक्षण किया है। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, तुर्किये की कंपनी बायकार ने मानवरहित लड़ाकू जेट किजिलेल्मा ने पहली बार हवा में उड़ते हुए एक तेज रफ्तार ड्रोन को टारगेट किया और हवा-से-हवा मिसाइल से सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया। किजिलेल्मा ने 5 F-15 लड़ाकू विमानों के साथ उड़ान भरी फिर रडार की मदद से दूर उड़ रहे टारगेट का पता लगाया और उस पर नजर रखी। इसके बाद इसके स्वदेशी गोकदोगान (बियॉन्ड विज़ुअल रेंज) मिसाइल दागी गई। मिसाइल ने निशाना साधते हुए ड्रोन को हवा में ही तबाह कर दिया। खास बात यह है कि किजिलेल्मा का रडार सिग्नेचर (रडार पर दिखाई देने की क्षमता) मौजूदा लड़ाकू विमानों से बहुत कम है। यानी यह दुश्मन को बहुत दूर से देख सकता है, लेकिन दुश्मन इसे आसानी से नहीं देख पाएगा। बायकार कंपनी अब दुनिया में ड्रोन निर्यात करने वाली बड़ी कंपनियों में से एक है। साल 2023 और 2024 में उसने हर साल 1.8 अरब डॉलर का निर्यात किया। कंपनी की कुल आय का 90% निर्यात से आता है और पिछले चार साल से वह तुर्किये की सबसे बड़ी फाइटर जेट बनाने वाली कंपनी बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें... पाकिस्तान की फ्रंटियर कॉर्प्स हेडक्वार्टर पर आत्मघाती हमला: मेन गेट उड़ा 6 लड़ाके अंदर घुसे थे, 3 हमलावरों की मौत; PAK का दावा- BLA ने अटैक किया पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में रविवार देर रात नोककुंडी स्थित फ्रंटियर कॉर्प्स (FC) के हेडक्वार्टर पर सुसाइड अटैक हुआ। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, मेन गेट के पास एक सुसाइड बॉम्बर ने खुद को उड़ा लिया। धमाका इतना जोरदार था कि गेट टूट गया। इसके बाद 6 हथियारबंद लड़ाके अंदर घुस आए। सुरक्षा बलों ने तुरंत जवाबी कार्रवाई शुरू की। भारी गोलीबारी के बाद 3 हमलावरों की मौत हो गई। वहीं, डॉन के ही कुछ सूत्रों ने 6 हमलावरों के मारे जाने का दावा किया है। पूरी खबर पढ़ें... ---------------------------- 30 नवंबर से जुड़े अपडेट्स यहां पढ़ें... https://www.bhaskar.com/international/news/turkeys-company-successfully-tests-unmanned-fighter-jet-capable-of-hitting-targets-mid-air-136555067.html
अमेरिकी बार का ऑफर- अप्रवासियों को पकड़वाओ, अनलिमिटेड फ्री-बीयर पाओ:यूजर्स बोले- यह गेम की तरह, विनर घोषित करने और लीडर बोर्ड बनाने की सलाह दी अमेरिका के इडाहो राज्य के एक फेमस बार 'ओल्ड स्टेट सैलून' ने एक चौंकाने वाला ऑफर दिया है। बार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, 'अगर कोई भी व्यक्ति अमेरिकी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट (ICE) की मदद करके इडाहो में मौजूद किसी अवैध अप्रवासी (इमिग्रेंट) की पहचान करवाए और उसे अमेरिका से डिपोर्ट करवाने में सफल रहे, तो उसे पूरे एक महीने तक बार में अनलिमिटेड फ्री बीयर मिलेगी।' कई यूजर्स ने इसी गेम जैसा बताया। वहीं, कुछ ने विनर घोषित करने और लीडर बोर्ड बनाने की सलाह तक दी। कुछ यूजर्स ने तो जिंदगीभर फ्री बीयर देने की मांग तक कर दी। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने इमिग्रेशन पॉलीसी को और सख्त कर दिया है। उन्होंने हाल ही में ‘थर्ड वर्ल्ड कंट्रीज’ से आने वाले शरणार्थियों को हमेशा के लिए रोक देने का ऐलान किया था। यह बार पहले भी विवादों में रहा है क्योंकि इसी ने पिछले साल जून महीने को “हेट्रोसेक्शुअल अवेयरनेस मंथ” घोषित किया था। बार ने कहा था कि इस महीने सिर्फ हेट्रोसेक्शुअल लोग ही विशेष ऑफर या छूट पाएंगे। जिसकी वजह से काफी विवाद हुआ था। अमेरिकी गृह सुरक्षा मंत्रालय ने ऑफर पोस्ट पर रिएक्शन दिया इस पोस्ट को अमेरिकी गृह सुरक्षा मंत्रालय (DHS) की आधिकारिक हैंडल ने रीपोस्ट कर दिया और उसके साथ एक रिएक्शन GIF लगाया। GIF में 1991-94 के मशहूर अमेरिकी टीवी शो “डायनासोर” का मुख्य किरदार अर्ल सिंक्लेयर हैरान होकर अपने हाथ से बीयर का ग्लास गिराता हुआ दिखाया गया है। यानी सरकारी विभाग ने भी इस ऑफर पर हैरानी और हल्का-फुल्का मजाकिया अंदाज दिखाया। बार ने DHS के इस रिएक्शन का जवाब देते हुए लिखा “Love it!” यानी उन्हें यह बहुत पसंद आया। यूजर्स बोले- डिपोर्टर लीडर बोर्ड बनाए, अवॉर्ड दें पोस्ट के वायरल होने के बाद X पर कुछ लोगों ने इसका मजाक उड़ाया तो कुछ लोगों ने सुझाव दिए। कुछ यूजर्स ने कहा कि एक “डिपोर्टर लीडरबोर्ड” बनना चाहिए, जिसमें सबसे ज्यादा अवैध प्रवासियों को पकड़वाने वाले का नाम टॉप पर रहे। कुछ ने तो “डिपोर्टर ऑफ द ईयर” अवॉर्ड की मांग की और कहा कि विजेता को जीवन भर फ्री बीयर मिलनी चाहिए। बार ने इन सुझावों पर सकारात्मक जवाब देते हुए लिखा कि ये आइडिया बहुत अच्छे हैं और वे इस पर गंभीरता से विचार करेंगे। ट्रम्प ने इमिग्रेशन को लेकर सख्ती बढ़ाई राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने दूसरे कार्यकाल में इमिग्रेशन को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 15 नवंबर 2025 तक लगभग 53,000 इमिग्रेंट को हिरासत में लिया जा चुका है। 28 नवंबर को ट्रम्प ने कहा था कि वह ‘थर्ड वर्ल्ड कंट्रीज’ से आने वाले शरणार्थियों को हमेशा के लिए रोक देंगे, ताकि अमेरिका फिर से मजबूत हो सके। ट्रम्प ने कहा था कि इमिग्रेशन पॉलिसी की वजह से देश के लोगों की जिंदगी बदतर हो चुकी है। ट्रम्प ने कहा- जो लोग अमेरिका के लिए फायदेमंद नहीं हैं या जो हमारे देश से सच्चा प्यार नहीं करते, उन्हें भी हटाया जाएगा। ट्रम्प ने इमिग्रेशन पॉलिसी को और सख्त करने का वादा किया। ट्रम्प बोले- नॉन सिटिजन को सरकारी सुविधा नहीं मिलेगी राष्ट्रपति ने कहा कि अब किसी भी गैर-नागरिक (नॉन-सिटिजन) को कोई सरकारी सुविधा, सब्सिडी या लाभ नहीं दिया जाएगा। जो प्रवासी देश की शांति भंग करेंगे, उनकी नागरिकता भी छीनी जाएगी। ट्रम्प ने कहा कि जो लोग सार्वजनिक बोझ हैं, सुरक्षा के लिए खतरा हैं या पश्चिमी सभ्यता के साथ मेल नहीं खाते, उन्हें भी देश से निकाला जाएगा। ट्रम्प बोले- इमिग्रेशन नीतियों ने अमेरिकियों की जिंदगी खराब की है ट्रम्प का कहना है कि इन कदमों से अवैध और परेशानी पैदा करने वाली आबादी को कम किया जाएगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि दूसरी विश्व युद्ध के बाद अमेरिका में इस तरह की सामाजिक समस्याएं नहीं थीं, लेकिन अब गलत इमिग्रेशन नीतियों की वजह से अपराध और अव्यवस्था बढ़ गई है। उनका मानना है कि तकनीकी तरक्की के बावजूद इमिग्रेशन की गलत नीतियों ने आम अमेरिकियों की जिंदगी खराब कर दी है। ट्रम्प ने साफ कहा, “इस समस्या का पूरा इलाज सिर्फ रिवर्स माइग्रेशन यानी लोगों को वापस उनके देश भेजना ही है।” https://www.bhaskar.com/international/news/american-bar-offers-catch-immigrants-get-unlimited-free-beer-136547573.html
पुतिन दो दिन की यात्रा पर भारत आएंगे:23वें भारत-रूस समिट में भाग लेंगे, राष्ट्रपति भवन में डिनर करेंगे; रूसी तेल खरीद पर बातचीत संभव रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 4-5 दिसंबर को भारत आ रहे हैं। यह यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर हो रही है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति भवन में पुतिन का स्वागत करेंगी और उनके सम्मान में डिनर का आयोजन करेंगी। पुतिन 23वें भारत-रूस समिट में भाग लेंगे। जहां, वो मोदी से मुलाकात करेंगे। इस दौरान दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा करेंगे। दोनों देश व्यापार असंतुलन को दूर करने और मुक्त व्यापार समझौते पर काम करने की योजना बना रहे हैं। यात्रा के दौरान संयुक्त बयान जारी किया जाएगा और कई समझौते पर हस्ताक्षर होंगे। पुतिन के ऑफिस के अनुसार, यह यात्रा भारत-रूस के विशेष रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। इस मुलाकात के दौरान रूसी तेल खरीद पर भी बातचीत संभव है। दरअसल, रूसी तेल खरीद की वजह से अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने भारत के निर्यात पर 25% एक्स्ट्रा टैरिफ लगा रखा है, जिससे भारत 50% टैरिफ झेल रहा है। अमेरिका का कहना है कि इससे रूस को यूक्रेन युद्ध जारी रखने में मदद मिल रही है। पुतिन ने 3 महीने पहले भारत आने की बात कही थी भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने अगस्त की शुरुआत में मॉस्को यात्रा के दौरान क्रेमलिन में पुतिन से मुलाकात की थी। यह मुलाकात सुरक्षा, आर्थिक और ऊर्जा सहयोग पर द्विपक्षीय वार्ता के लिए हुई थी। इस दौरान भारतीय NSA ने कहा था कि हमारा रिश्ता बहुत खास और पुराना है। हम अपनी रणनीतिक साझेदारी को बहुत महत्व देते हैं। हमें राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा की खबर से बहुत खुशी है। तारीखें लगभग तय हो चुकी हैं। आखिरी बार 2021 में भारत आए थे पुतिन ने आखिरी बार 06 दिसंबर 2021 में भारत की यात्रा की थी। तब वे सिर्फ 4 घंटे के लिए भारत आए थे। इस दौरान भारत और रूस के बीच 28 समझौते पर दस्तखत हुए थे। इसमें मिलिट्री और तकनीकी समझौते थे। दोनों देशों ने 2025 तक 30 अरब डॉलर (2 लाख 53 हजार करोड़ रुपए) सालाना ट्रेड का टारगेट रखा था। इस विजिट से दोनों देशों के बीच 2030 के लिए नए आर्थिक रोडमैप को आगे बढ़ाने की उम्मीद है। भारत और रूस अपने बाइलेट्रल ट्रेड को दोगुना करके सालाना 100 अरब डॉलर से ज्यादा करने पर सहमत हुए हैं। फिलहाल दोनों देशों के बीच करीब 60 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार है। https://www.bhaskar.com/international/news/putin-will-visit-india-on-a-two-day-visit-136532149.html
नेपाल ने भारत के 3 इलाकों को अपना बताया:100 रुपए के नोट पर विवादित मैप छापा; भारत बोला- ऐसे दावों से सच्चाई नहीं बदलती नेपाल के सेंट्रल बैंक ने गुरुवार को 100 रुपए के नए नोट पर विवादित नक्शा छाप पर भारतीय हिस्सों को अपना बताया है। इस नए नोट में भारतीय क्षेत्र कालापानी, लिपुलेख और लिम्पियाधुरा को नेपाल का हिस्सा दिखाया गया है। भारत ने इस कदम की कड़ी आलोचना की है और इसे एकतरफा कार्रवाई बताया, जिसमें ऐतिहासिक तथ्यों को नजरअंदाज किया गया है। विदेश मंत्रालय ने कहा- ऐसे दावों सच्चाई नहीं बदलती है। नेपाल भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करे। दावे द्विपक्षीय समझौतों का उल्लंघन करते हैं। नेपाल ने 2020 में पहली बार यह संशोधित नक्शा जारी किया था, जिसे बाद में संसद ने मंजूरी दी थी। उस समय भारत ने नेपाल के इस कदम का विरोध किया था और इसे एकतरफा फैसला बताया था। भारत ने कहा था कि इस तरह नक्शा बदलकर क्षेत्र बढ़ाने की कोशिश मान्य नहीं होगी। https://www.bhaskar.com/international/news/india-vs-nepal-rs-100-currency-notes-map-controversy-136531345.html
अमेरिका के बायकॉट के बावजूद G20 घोषणापत्र मंजूर:साउथ अफ्रीकी राष्ट्रपति ने ट्रम्प की मांग नहीं मानी, आज खाली कुर्सी को सौपेंगे मेजबानी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बायकॉट के बावजूद G20 समिट के पहले दिन सदस्य देशों ने साउथ अफ्रीका के बनाए घोषणा पत्र को सर्वसम्मति से मंजूर कर लिया। साउथ अफ्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने बताया कि सभी देशों का अंतिम बयान पर सहमत होना बेहद जरूरी था, भले ही अमेरिका इसमें शामिल नहीं हुआ। ट्रम्प ने आखिरी सेशन में मेजबानी लेने के लिए एक अमेरिकी अधिकारी को भेजने की बात कही थी। रॉयटर्स के मुताबिक, दक्षिण अफ्रीकी अध्यक्षता ने अमेरिकी अधिकारी को मेजबानी सौंपने के प्रस्ताव को नकार दिया। अफ्रीकी राष्ट्रपति रामफोसा आज G20 की अगली अध्यक्षता 'खाली कुर्सी' को सौंपेंगे। दरअसल, G20 समिट की 2026 की मेजबानी अमेरिका को मिलनी है। हालांकि ट्रम्प के बायकॉट के चलते अमेरिका का कोई भी प्रतिनिधि समिट में शामिल नहीं हुआ। मोदी बोले- पुराने डेवलपमेंट मॉडल को बदलना जरूरी पीएम मोदी ने G20 समिट के पहले दो सत्रों को संबोधित किया। पहले सेशन में उन्होंने वैश्विक चुनौतियों पर भारत का नजरिया दुनिया के सामने रखा। मोदी ने पुराने डेवलपमेंट मॉडल के मानकों पर दोबारा सोचने की अपील की। उन्होंने कहा- पुराने डेवलपमेंट मॉडल ने रिसोर्स छीने, इसे बदलना जरूरी है। वहीं समिट के दूसरे सत्र में पीएम ने भारत के श्री अन्न (मोटा अनाज), जलवायु परिवर्तन, G20 सैटेलाइट डेटा पार्टनरशिप और डिजास्टर रिस्क रिडक्शन पर बात की। https://www.bhaskar.com/international/news/g20-declaration-approved-despite-us-boycott-136489411.html
अमेरिका भारत को जेवलिन मिसाइल और GPS तोपगोला बेचेगा:दुश्मन के टारगेट को ट्रैक करके तबाह करेंगे; ₹775 करोड़ की डील को मंजूरी अमेरिका ने भारत को जेवलिन मिसाइल सिस्टम (FGM-148) और एक्सकैलिबर प्रोजेक्टाइल स्मार्ट तोपगोला (M982A1) बेचने की मंजूरी दे दी है। इनके लिए दोनों देशों के बीच में 92.8 मिलियन डॉलर (करीब 775 करोड़ रुपए) की डील हुई है। अमेरिकी रक्षा सुरक्षा सहयोग एजेंसी (DSCA) ने बुधवार को बताया कि इस बिक्री के लिए जरूरी मंजूरी और डिटेल्स अमेरिकी संसद कांग्रेस को भेज दी गई है। DSCA ने कहा- हथियार भारत को मौजूदा और भविष्य के खतरों से निपटने में मदद करेंगे। FGM-148 एंटी-टैंक मिसाइल इन्फ्रारेड सीकर की मदद से टारगेट को ट्रैक करके मार करती है। करीब 2500 मीटर की दूरी तक सटीक वार कर सकती है। धुएं, धूल या खराब मौसम में भी टारगेट को तबाह करने में सक्षम है। M982A1 GPS-गाइडेड स्मार्ट गोला है। यह स्मार्ट बम की तरह काम करता है, लेकिन तोप से छोड़ा जाता है। सामान्य तोप रेंज 15-20 km तक होती है, लेकिन एक्सकैलिबर 40-50 किलोमीटर दूर तक सटीक निशाना लगा सकता है। भारत को 2 पैकेज में हथियार मिलेंगे... पहला पैकेज: जेवलिन मिसाइल, कीमत: 45.7 मिलियन डॉलर दूसरा पैकेज: एक्सकैलिबर प्रोजेक्टाइल, कीमत: 47.1 मिलियन डॉलर https://www.bhaskar.com/national/news/india-us-defence-deal-javelin-missile-excalibur-artillery-features-trump-modi-136465206.html
वर्ल्ड अपडेट्स:ब्रिटिश समुद्री सीमा के पास पहुंचा रूसी जहाज, ब्रिटेन बोला- हर हरकत पर हमारी नजर ब्रिटेन ने बताया है कि एक रूसी जासूसी जहाज उसके समुद्री इलाके के बिल्कुल पास आ गया है और उसने ब्रिटिश मिलिट्री पायलटों पर लेजर चमकाई है। ब्रिटेन के रक्षा मंत्री जॉन हीली ने कहा कि यह घटना बहुत खतरनाक है और देश अब नए तरह के खतरों का सामना कर रहा है। रक्षा मंत्री के मुताबिक यह रूसी जहाज, जिसका नाम ‘यंतर’ है, स्कॉटलैंड के ऊपर वाले हिस्से में ब्रिटेन की समुद्री सीमा के किनारे दिखाई दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह जहाज समुद्र के नीचे लगी ब्रिटेन की महत्वपूर्ण बिजली और कम्युनिकेशन केबल्स की जासूसी करने के लिए बनाया गया है। ब्रिटिश वायुसेना ने एक निगरानी विमान भेजकर जहाज पर नजर रखी। हीली ने रूस को चेतावनी देते हुए कहा कि ब्रिटेन हर हरकत पर नजर रख रहा है और अगर जहाज दक्षिण की ओर बढ़ा, तो ब्रिटेन तैयार है। रूस ने इन आरोपों को खारिज किया है। लंदन में रूसी दूतावास ने कहा कि ‘यंतर’ कोई जासूसी जहाज़ नहीं, बल्कि समुद्री रिसर्च जहाज है और वह अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में काम कर रहा है। रूस ने यह भी कहा कि ब्रिटेन बिना वजह तनाव बढ़ा रहा है। https://www.bhaskar.com/international/news/breaking-news-headlines-us-china-pakistan-russia-ukraine-putin-trump-136464754.html
SCO बैठक, मॉस्को में पुतिन से मिले जयशंकर:भारतीय विदेश मंत्री बोले- अपने लोगों की रक्षा के लिए हर कदम उठाएंगे विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगलवार को रूसी राष्ट्रपति पुतिन से मॉस्को में मुलाकात की। यह बैठक मॉस्को में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक के दौरान हुई। जयशंकर ने बैठक के दौरान आतंकवाद पर भारत का कड़ा रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि आतंकवाद के लिए कोई बहाना नहीं हो सकता और भारत अपने नागरिकों की रक्षा के लिए हर कदम उठाएगा। जयशंकर ने कहा कि SCO की स्थापना ही आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद से लड़ने के लिए हुई थी। आज इन चुनौतियों का खतरा पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गया है। उन्होंने संगठन से जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने की अपील की। जयशंकर बोले- अंग्रेजी को SCO की आधिकारिक भाषा बनाना चाहिए जयशंकर ने यह भी बताया कि हाल ही में भारत में दो बड़े आतंकी हमले हुए। एक कश्मीर के पहलगाम में हमला, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई और दूसरा दिल्ली के लालकिले के पास कार ब्लास्ट में 15 लोगों की जान गई। उन्होंने इन घटनाओं को गंभीर चिंता का विषय बताया और आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने पर जोर दिया। बैठक में जयशंकर ने SCO में सुधार और आधुनिकीकरण की जरूरत पर भी जोर दिया। भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि संगठन को समय के साथ बदलना होगा और अंग्रेजी को SCO की आधिकारिक भाषा बनाने का फैसला अब आगे नहीं टाला जाना चाहिए। वर्तमान में SCO में सिर्फ रूसी और चीनी भाषा का इस्तेमाल होता है। उन्होंने वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता पर भी चिंता जताई और कहा कि दुनिया में सप्लाई चेन पर खतरा बढ़ रहा है, इसलिए देशों को आपसी व्यापार और सहयोग बढ़ाने की जरूरत है। भारत कई SCO देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर काम कर रहा है। संस्कृति और मानवता से जुड़े मुद्दों पर भी बयान दिए संस्कृति और मानवता से जुड़े मुद्दों पर बात करते हुए जयशंकर ने कहा कि भारत और SCO देशों के बीच सांस्कृतिक रिश्ते बहुत गहरे हैं। भारत कई देशों में भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों की प्रदर्शनियां लगा चुका है और विरासत संरक्षण में भी सहयोग देने को तैयार है। जयशंकर ने यह भी बताया कि कैसे भारत ने महामारी के दौरान वैक्सीन, दवाइयां और उपकरण भेजकर SCO देशों की मदद की। बैठक के बाद उन्होंने मंगोलिया और कतर के PM से भी मुलाकात की। इस बैठक की मेजबानी रूस ने की, जिसके लिए जयशंकर ने रूसी प्रधानमंत्री मिखाइल मिशुस्तिन का आभार जताया। SCO के 10 सदस्य देश हैं- भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान, कजाखस्तान, किर्गिजस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, ईरान और बेलारूस। भारत 2017 में SCO का पूर्ण सदस्य बना था। https://www.bhaskar.com/international/news/india-jaishankar-meets-putin-in-moscow-sco-summit-136456719.html
वर्ल्ड अपडेट्स:ट्रम्प ने सऊदी अरब को नॉन-NATO एलाय का दर्जा दिया, सिर्फ 20 देशों के पास यह दर्जा अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने सऊदी अरब को अमेरिका की तरफ से ‘मेजर नॉन-NATO एलाय’ का दर्जा देने का ऐलान किया। यह ऐलान उस वक्त किया गया जब सऊदी प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) अमेरिकी दौरे पर पहुंचे हैं। ट्रम्प ने कहा- मैं यह बताते हुए खुशी महसूस कर रहा हूं कि हम अपने सैन्य सहयोग को एक नए लेवल पर ले जा रहे हैं। हम सऊदी अरब को औपचारिक रूप से ‘मेजर नॉन-NATO एलाय’ घोषित कर रहे हैं। यह उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। अमेरिका इसके तहत सऊदी अरब के साथ सैन्य सहयोग बढ़ाएगा, खुफिया जानकारी शेयर करेगा और रक्षा तकनीक और हथियारों तक आसान पहुंच देगा। यह कोई औपचारिक संधि (ट्रीटी) नहीं है और इसे जरूरत पड़ने पर वापस भी लिया जा सकता है। दुनिया में अभी सिर्फ 20 देशों को ही यह मान्यता मिली है। https://www.bhaskar.com/international/news/breaking-news-headlines-us-china-pakistan-russia-ukraine-trump-saudi-mbs-136456415.html
वर्ल्ड अपडेट्स:पुतिन ने नेतन्याहू को फोन किया ; गाजा सीजफायर और ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर बातचीत रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शनिवार को फोन पर बात की। बातचीत में मध्य पूर्व के मुद्दों पर चर्चा हुई, खासकर गाजा, ईरान के परमाणु कार्यक्रम और सीरिया की स्थिति पर जोर दिया गया। रुस ने बताया कि दोनों नेताओं ने गाजा में युद्धविराम समझौते और बंधकों की अदला-बदली पर विस्तार से विचार साझा किए। रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा, "मध्य पूर्व की स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ, यह कॉल अमेरिका की संयुक्त राष्ट्र मिशन की गतिविधियों के बीच हुई है। इस हफ्ते अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के 20-सूत्री गाजा प्लान को मंजूरी देने का आग्रह किया। ट्रम्प ने 29 सितंबर को प्लान पेश किया था। 13 अक्टूबर को शर्म अल-शेख सम्मेलन में इसे व्यापक समर्थन मिला। इजराइल ने इसे स्वीकार कर लिया, लेकिन हमास ने पूरी तरह सहमति नहीं दी। इजराइली पीएमओ के अनुसार, पुतिन ने कॉल किया था। दोनों नेताओं की आखिरी बार अक्टूबर में बात हुई थी। https://www.bhaskar.com/international/news/putin-calls-netanyahu-talks-on-gaza-ceasefire-and-irans-nuclear-program-136431606.html
अमेरिकी उपराष्ट्रपति बोले- सस्ते विदेशी नौकरों की जरूरत नहीं:इनपर निर्भर होने से बचना चाहिए; राष्ट्रपति बोले थे- टैलेंट की कमी, स्किल्ड लोगों की जरूरत अमेरिका में H-1B वीजा विवाद के बीच विदेशी मजदूरों को लेकर छिड़ी बहस अब और तेज हो गई है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने विदेशी कर्मचारियों को सस्ते नौकर कहकर संबोधित किया और कहा कि हमें उनकी जरूरत नहीं है। वेंस ने विपक्षी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि, 'डेमोक्रेट्स का मॉडल कम वेतन वाले प्रवासियों को देश में लाने पर जोर देता है। इससे अमेरिकी लोगों के रोजगार, वेतन और समृद्धि को नुकसान पहुंचेगा।' वेंस ने कहा कि ट्रम्प का मॉडल दूसरा है जो अमेरिका में डेवलपमेंट का रास्ता खोलेगा। उन्होंने कहा, 'अमेरिकी मजदूरों को तकनीक से मजबूत बनाना चाहिए, न कि सस्ते विदेशी श्रम पर निर्भर होना चाहिए।' वेंस का बयान ट्रम्प के कुछ दिन पहले दिए उस बयान से अलग है, जिसमें ट्रम्प ने कहा था कि अमेरिका में कुछ खास प्रतिभाओं की कमी है। ट्रम्प ने कहा था कि देश में कई अहम नौकरियों के लिए पर्याप्त टैलेंटेड लोग नहीं हैं, इसलिए विदेशी स्किल्ड वर्कर्स की जरूरत पड़ती है। वहीं H-1B वीजा को लेकर ट्रम्प की पार्टी एक विधेयक लाने की तैयारी कर रही है, जिससे अमेरिका में भारतीयों की एंट्री मुश्किल हो सकती है। H-1 B वीजा पूरी तरह खत्म करने की तैयारी में ट्रम्प की पार्टी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की करीबी और अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की सदस्य मार्जोरी टेलर ग्रीन ने कहा है कि जल्द ही विधेयक लाया जाएगा। रिपब्लिकन पार्टी की मार्जोरी का आरोप है कि H-1B वीजा का दुरुपयोग हो रहा है। अमेरिका फर्स्ट की नीति के तहत H-1B वीजा कैटेगरी को खत्म किया जाएगा। हालांकि, उन्होंने कहा कि अगले 10 साल तक हर साल 10 हजार डॉक्टरों को H-1B वीजा जारी होंगे। अभी हर साल 85 हजार एच-1 बी वीसा में से लगभग 70% वीसा भारतीयों को जारी होते हैं। ट्रम्प बोले थे- अमेरिका में टैलेंटेड लोगों की कमी हाल ही में फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रम्प ने जॉर्जिया की एक बैटरी फैक्ट्री का उदाहरण दिया था। उन्होंने बताया कि दक्षिण कोरिया की कंपनी ने 500-600 विशेषज्ञों को बैटरी बनाने और अमेरिकी कर्मचारियों को ट्रेनिंग देने के लिए भेजा था। सितंबर में इमिग्रेशन छापे में इन्हें अवैध बताकर देश से निकालने की कोशिश हुई। ट्रम्प बोले, 'बैटरी बनाना मुश्किल और खतरनाक काम है। अमेरिका में ऐसी प्रतिभाओं की कमी है, इसलिए H-1B जैसी वीजा जरूरी हैं।' ट्रम्प बोले- बाहर से टैलेंट लाना होगा फॉक्स न्यूज की एंकर लॉरा इंग्राहम ने ट्रम्प से पूछा कि क्या H-1B वीजा की संख्या कम की जाएगी, क्योंकि इससे अमेरिकी मजदूरों के वेतन पर असर पड़ता है? ट्रम्प ने जवाब दिया, “हां, मैं सहमत हूं, लेकिन आपको बाहर से टैलेंट भी लाना होगा।” जब एंकर ने कहा कि अमेरिका में काफी टैलेंटेड लोग हैं, तो ट्रम्प बोले, “नहीं, कुछ खास क्षेत्रों में हमारे पास टैलेंट नहीं है। आप बेरोजगार लोगों को उठाकर मिसाइल फैक्ट्री में नहीं भेज सकते।” इससे पहले सितंबर में ट्रम्प प्रशासन ने H-1B वीजा की एप्लिकेशन फीस को 100 गुना बढ़ाकर 1 हजार डॉलर से 1 लाख डॉलर कर दिया है। विदेशी छात्रों पर ट्रम्प का यू टर्न विदेश छात्रों को लेकर अपने रुख में यू-टर्न लिया है। ट्रम्प ने कहा है कि विदेशी छात्रों को अमेरिका में पढ़ाई की अनुमति मिलती रहनी चाहिए, क्योंकि वे न सिर्फ देश की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाते हैं बल्कि विश्वविद्यालयों की आर्थिक स्थिति को भी संभालते हैं। उन्होंने कहा कि अगर चीन और दूसरे देशों से आने वाले विदेशी छात्रों की संख्या घटाई गई, तो अमेरिका के करीब आधे कॉलेजों के बंद होने की नौबत आ जाएगी। ट्रम्प ने कहा कि दुनियाभर से आने वाले आधे छात्रों को नहीं रोक सकते, ऐसा किया तो हमारे कॉलेज-यूनिवर्सिटी सिस्टम को भारी नुकसान होगा। मैं ऐसा नहीं चाहता। मैं मानता हूं कि बाहर के देशों से छात्रों का आना अच्छा है, मैं दुनिया से रिश्ते बेहतर रखना चाहता हूं। 6 महीने पहले विदेशी छात्रों के इंटरव्यू पर रोक लगाई थी अमेरिका ने इस साल मई में पहले विदेशी छात्रों के नए वीजा इंटरव्यू पर रोक लगा दी थी। इसका मकसद देश की यूनिवर्सिटीज में यहूदी विरोध और वामपंथी विचारों को रोकना था। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दुनियाभर में अमेरिकी दूतावासों को आदेश जारी कर कहा था- वे स्टूडेंट वीजा के लिए नए इंटरव्यू शेड्यूल न करें, क्योंकि ट्रम्प सरकार अमेरिका आने वाले छात्रों के सोशल मीडिया प्रोफाइल की जांच को और सख्त करने जा रही है। उन्होंने आगे कहा था- तत्काल प्रभाव से कॉन्सुलर सेक्शन आगे के दिशा-निर्देश जारी होने तक स्टूडेंट या एक्सचेंज विजिटर (F, M और J) वीजा के लिए नए अपॉइंटमेंट की इजाजत नहीं दे। यह रोक F, M और J वीजा कैटेगरी पर लागू होती है, जो ज्यादातर अंतरराष्ट्रीय छात्रों और एक्सचेंज विजिटर्स को कवर करती हैं। बाद में इंटरव्यू फिर शुरू हुए, लेकिन सोशल मीडिया जांच और सुरक्षा नियम और सख्त कर दिए गए हैं। अमेरिका जाने वाले भारतीय छात्रों की संख्या 70% गिरी अमेरिका में पढ़ाई के लिए जाने वाले भारतीय छात्रों की संख्या में 70% की गिरावट आई है। ट्रम्प प्रशासन की अंतरराष्ट्रीय छात्रों से जुड़ी नीतियों की वजह से वीजा स्लॉट्स में रुकावट और वीजा रिजेक्शन में अचानक बढ़ोतरी से यह स्थिति बनी है। दिक्कतों के चलते कई छात्र अब दूसरे देशों में पढ़ाई के विकल्प तलाश रहे हैं। https://www.bhaskar.com/international/news/us-vice-president-says-theres-no-need-for-cheap-foreign-workers-136425106.html
ममदानी के बाद सैकत चक्रवर्ती सांसद बनने की रेस में:प्रोग्रेसिव लीडर्स माने जाते; नैंसी पेलोसी के रिटायरमेंट से भारतीय डेमोक्रेट के लिए रास्ता साफ पिछले हफ्ते भारतीय मूल के जोहरान ममदानी ने न्यूयॉर्क मेयर चुनाव जीतकर इतिहास रचा। अब भारतीय-अमेरिकी डेमोक्रेट सैकत चक्रवर्ती का नाम चर्चा में है। नैंसी पेलोसी के रिटायरमेंट की घोषणा के बाद सैन फ्रांसिस्को की संसद सीट खाली हो गई है। अब 39 साल के सैकत को डेमोक्रेटिक नॉमिनेशन मिलने का रास्ता साफ हो गया है। ममदानी की तरह सैकत भी प्रोग्रेसिव लीडर्स की नई लहर का हिस्सा हैं। वे पुराने डेमोक्रेट विचारों को बदलना चाहते हैं। ममदानी की जीत पर सैकत ने एक्स पर लिखा, 'जोहरान ने साबित किया कि चाहे विरोधी कितना भी पैसा खर्च कर ले, अगर आम लोग बदलाव के लिए एकजुट होकर काम करते हैं तो उन्हें हराया जा सकता है।' कैंपेन स्टाइल के चलते चक्रवर्ती की तुलना ममदानी से हो रही सोशल मीडिया पर कई लोगों ने चक्रवर्ती की तुलना ममदानी से की है, खासकर उनके प्रचार करने के तरीके के कारण। ममदानी की तरह, चक्रवर्ती ने भी बदलाव और सुधार को अपने अभियान का अहम हिस्सा बनाया है। दोनों की कैंपेन स्टाइल एक जैसी है। सोशल मीडिया पर जोर, महंगाई और स्ट्रक्चरल रिफॉर्म मुख्य मुद्दे रहे हैं। अप्रैल में कैंपेन शुरू करते हुए सैकत ने कहा था, 'यह मौका है कामकाजी लोगों के लिए असली मूवमेंट, क्रांति लाने का।' चक्रवती अमीरों पर टैक्स बढ़ाने के पक्षधर चक्रवती भी ममदानी की तरह अमीरों पर टैक्स बढ़ाने के पक्षधर हैं। वो वेल्थ टैक्स की बात करते हैं, साथ ही उन्होंने खुद पर भी टैक्स लगाने की बात कही थी। सैकत बताते हैं कि उनका मोटिव डेमोक्रेटिक पार्टी का ब्रांड पूरी तरह बदलना हैं। हालांकि, उनके बोल्ड विचारों से पार्टी में कुछ विवाद भी रहता है। अब सैकत सैन फ्रांसिस्को की सीट के लिए तैयारी कर रहे हैं। इस सीट पर 1987 से नैंसी पेलोसी काबिज थीं। अब उनके रिटायरमेंट के बाद यह सीट खाली है। 5 फरवरी, 2025 को, चक्रवती ने 2026 में होने वाले 11वें कांग्रेस जिले के लिए अपनी उम्मीदवारी की घोषणा की। अपनी घोषणा में उन्होंने कहा, 'डेमोक्रेटिक पार्टी को अब नए नेतृत्व की जरूरत है।' कौन हैं सैकत चक्रवर्ती? सैकत का जन्म अमेरिका के टेक्सास में बंगाली माता-पिता के घर हुआ। उन्होंने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से अपनी पढ़ाई पूरी की, जहां से उन्होंने कम्प्यूटर साइंस में डिग्री ली। इसके बाद वे सैन फ्रांसिस्को चले गए और टेक-स्टार्टअप के को-फाउंडर बने। बाद में उन्होंने वित्तीय सेवा कंपनी स्ट्राइप ज्वाइन कर ली। उन्होंने पहली बार राजनीति में दिलचस्पी 2015 में दिखाई, जब बर्नी सैंडर्स के राष्ट्रपति अभियान में काम करने के लिए टेक उद्योग छोड़ दिया। हालांकि इस समय सैंडर्स को जीत नहीं मिली, लेकिन चक्रवर्ती ने जमीनी स्तर के स्वयंसेवकों तक पहुंचने के लिए एक डिजिटल टूल बनाकर डेमोक्रेट को प्रभावित किया। दो साल बाद, उन्होंने जस्टिस डेमोक्रेट्स की सह-स्थापना की, जो एक राजनीतिक समूह था जिसका उद्देश्य युवा और नए उम्मीदवारों को लंबे समय से पद पर आसीन लोगों के खिलाफ चुनाव लड़ने में मदद करना था। सुभाषचंद्र बोस की तस्वीर वाली टी-शर्ट पहनने पर विवाद से घिरे चक्रवर्ती ने 2018 में (AOC की तत्कालीन चीफ ऑफ स्टाफ) ने एक वीडियो इंटरव्यू के दौरान सुभाष चंद्र बोस की तस्वीर वाली हरी टी-शर्ट पहनी थी। यह वीडियो न्यूज चैनल पर दिसंबर 2018 में प्रसारित हुआ था, लेकिन जुलाई 2019 में वायरल हो गया। दक्षिणपंथी मीडिया और कुछ यहूदी संगठनों ने इसे उठाया और चक्रवर्ती पर नाजी विचारधारा का प्रचार करने का आरोप लगाया। चक्रवर्ती ने आरोपों को खारिज करते हुए इसे सांस्कृतिक गर्व बताया। उन्होंने कहा कि वे बोस को स्वतंत्रता सेनानी मानते हैं, न कि नाजी। फिलहाल अमेरिकी संसद में 5 भारतवंशी हैं, जो किसी भी एशियाई मूल के समूह में सबसे ज्यादा हैं। ----------------------------- ये खबर भी पढ़ें... ममदानी की जीत से मुश्किल में न्यूयॉर्क के अरबपति: 8 लाख लोग शहर छोड़ सकते हैं; टेक्सास गवर्नर की धमकी- यहां आए तो 100% टैरिफ वसूलेंगे​​​​​​​ न्यूयॉर्क मेयर चुनाव में भारतीय मूल के जोहरान ममदानी की जीत से शहर के अरबपतियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जे.एल. पार्टनर्स सर्वे के मुताबिक, न्यूयॉर्क के 9% यानी करीब 7.65 लाख लोग शहर छोड़ सकते हैं।​​​​​​​ पूरी खबर पढ़ें... https://www.bhaskar.com/international/news/after-mamdani-saikat-chakraborty-is-in-the-race-to-become-an-mp-136373834.html
मिस्र में दुनिया का सबसे बड़ा म्यूजियम खुला:1 अरब डॉलर की लागत से बना; 1 लाख से ज्यादा वस्तुएं रखी गईं मिस्र में गीजा के पिरामिडों के पास दुनिया का सबसे बड़े म्यूजियम ग्रैंड इजिप्शियन शनिवार को आम जनता के लिए खोल दिया है। मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सीसी के साथ दुनिया के कई देशों के नेता उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल हुए। इसे बनाने में करीब 1 अरब डॉलर से ज्यादा की लागत आई है। इस म्यूजियम में करीब 1 लाख से अधिक प्राचीन वस्तुएं रखी गई हैं, जो मिस्र के 7,000 साल पुराने इतिहास को दिखाती हैं। इसे आधुनिक दौर का सबसे बड़ा सांस्कृतिक और शोध केंद्र माना जा रहा है। ग्रैंड इजिप्शियन म्यूजियम (GEM) की सबसे बड़ी खासियत बॉय किंग तूतनखामेन की कब्र है। 1922 में ब्रिटिश पुरातत्वविद हावर्ड कार्टर ने यह कब्र खोजी थी। इसमें 5500 से अधिक वस्तुएं मिली थीं। अब पहली बार यह सब एक ही स्थान पर आम दर्शकों के लिए रखी जा रही हैं। 50 हजार से ज्यादा प्राचीन धरोहरें अब एक साथ GEM में 50000 से अधिक ऐतिहासिक वस्तुएं प्रदर्शित की गई हैं। इनमें 83 टन वजनी, 3200 साल पुरानी रामेसेस द्वितीय की मूर्ति और 4500 साल पुरानी खुफू की नाव शामिल है, जो पिरामिड बनाने वाले फिरौन से जुड़ी है। संग्रहालय में 24000 वर्ग मीटर की स्थायी प्रदर्शनी, बच्चों का म्यूजियम, कॉन्फ्रेंस और एजुकेशन सेंटर, बड़ा संरक्षण केंद्र और कमर्शियल जोन भी बनाया गया है। 12 मुख्य गैलरियां प्रागैतिहासिक काल से लेकर रोमन युग तक के इतिहास को युग और थीम के आधार पर प्रस्तुत करती हैं। कई वस्तुएं पुराने मिस्र संग्रहालय (काहिरा, तहरीर चौक) से लाई गईं, जबकि कुछ हाल ही में सक्कारा नेक्रोपोलिस सहित प्राचीन कब्रिस्तानों से खुदाई में मिली हैं। हर साल 80 लाख पर्यटकों के आने की उम्मीद इस म्यूजियम को मिस्र के पर्यटन उद्योग के लिए इसे एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। उम्मीद है कि इस म्यूजियम को देखने के लिए हर साल 80 लाख पर्यटक आएंगे। म्यूजियम का क्षेत्रफल 5 लाख वर्ग मीटर (लगभग 70 फुटबॉल मैदानों के बराबर) है। इसमें पिरामिड के आकार का विशाल दरवाजा बनाया गया है। गीजा के पिरामिडों से लगभग एक मील दूर बने इस संग्रहालय का क्षेत्रफल 4.7 लाख वर्ग मीटर है। इसका ऐलान 1992 में हुआ था, लेकिन निर्माण 2005 में शुरू हो सका। कुछ हिस्से 2024 में सॉफ्ट लॉन्च के दौरान खोले गए थे। चोरी की घटनाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ाई म्यूजियम के खुलने के साथ ही उसकी सुरक्षा को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं। हाल ही में राजधानी काहिरा की एक लैब से दो कलाकृतियां चोरी हुई हैं। इनमें 3000 साल पुरानी सोने की कलाई-पट्टी भी शामिल है। अरब स्प्रिंग के दौरान भी पुरातात्विक स्थलों पर लूटपाट हुई थी। हालांकि GEM प्रशासन का दावा है कि इस नए परिसर की सुरक्षा आधुनिक है। https://www.bhaskar.com/international/news/egypt-grand-egyptian-museum-opening-world-largest-archaeology-museum-136315344.html
जमैका में लोग सड़क और मलबे में खाना खोज रहे:तूफान मेलिसा के बाद भूख-प्यास से परेशान; बाढ़ का पानी भरा, जानवर सड़ रहे जमैका में कैटेगरी-5 के हरिकेन मेलिसा के टकराने के बाद हालात खराब हो चुके हैं। ब्लैक रिवर शहर में लोग कीचड़ और मलबे में खाने-पीने का सामान खोज रहे हैं। कई लोग टूटी दुकानों और सुपरमार्केट से पानी की बोतलें और जरूरी चीजें निकाल रहे हैं। BBC की रिपोर्ट के मुताबिक, तूफान के बाद पिछले तीन दिनों से शहर में अराजकता और भूख-प्यास का संकट है। सड़कों पर कीचड़, टूटी इमारतें, पलटी नावें और बिखरे वाहन चारों ओर तबाही की तस्वीर पेश कर रहे हैं। बिजली-पानी की सप्लाई बंद है। लोगों का परिवारों से संपर्क टूट गया है। तूफान मेलिसा के असर और तबाही की तस्वीरें... अब तक लोगों को मदद नही मिली लोगों का कहना है कि अब तक इलाके में कोई राहत ट्रक नहीं पहुंचा है। वे सड़क पर पड़े मलबे या दुकानों में जो कुछ भी मिल रहा है, उसी से गुजारा कर रहे हैं। एक स्थानीय युवक डेमर वॉकर ने कहा, हम सड़क पर जो भी मिल रहा है, वही खा रहे हैं। सुपरमार्केट से पानी लिया, लेकिन हमने दूसरों से भी साझा किया। पास की एक फार्मेसी और दुकानों में भी लूटपाट की घटनाएं हुईं। लोग कीचड़ में सनी दवाइयां और खाना उठाते दिखे। कई दुकानदार अपनी लूटी दुकानों के बाहर पहरा दे रहे हैं। राजधानी किंग्स्टन एयरपोर्ट पर राहत सामग्री पहुंचनी शुरू हो गई है, लेकिन छोटे एयरपोर्ट और सड़कें क्षतिग्रस्त होने से मदद देर से पहुंच रही है। सेना और राहत एजेंसियों के ट्रक रास्तों के टूटे हिस्सों से गुजरने की कोशिश कर रहे हैं। 19 की मौत, हैती में भी 30 की जानें गईं जमैका सरकार ने पुष्टि की है कि तूफान में 19 लोगों की मौत हुई है। हैती में भी 30 लोगों की मौत की खबर है। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि शहर के 90% घर तबाह हो चुके हैं। अस्पताल, पुलिस स्टेशन और फायर स्टेशन भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हैं। शहर के मेयर ने कहा, ब्लैक रिवर पूरी तरह तबाह हो चुका है। लोग मजबूरी में सामान उठा रहे हैं, लेकिन हिंसा भी बढ़ रही है। एक मेडिकल वर्कर ने बताया कि फायर स्टेशन में चार से पांच फीट पानी भर गया था। बच्चों और बुजुर्गों सहित कई लोग घायल अवस्था में लाए गए। कई जगह ऐसे लोग मिले जो जिंदा नहीं बचे। शुक्रवार दोपहर सेना के हेलिकॉप्टर ब्लैक रिवर पहुंचे। इसके बाद सड़कों से भीड़ कम हुई। https://www.bhaskar.com/international/news/jamaica-hurricane-melissa-food-crisis-flood-chaos-19-dead-136306935.html